आँवला - एक आयुर्वेदिक औषधि

आँवला एक आयुर्वेदिक औषधि है, इसका उपयोग विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक दवाईयों को बनाने में किया जाता है

आँवला क्या है

आँवला एक प्राकृतिक फल है | यह मानव शरीर के लिए रामवाण है | इसमें विटामिन सी और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है | इसका सेवन करने से मनुष्य का शरीर हमेशा निरोग रहेगा इसलिए प्रतिदिन कम से कम एक आँवला का सेवन जरूर करना चाहिए | आँवले का सेवन अचार, जूस, कैंडी या अन्य तरीके से कर सकते हैं |

आँवला भारतीय आयुर्वेद का मूलाधार है | आँवला को धात्रीफल भी कहा जाता है | शीत ऋतू में आँवले का सेवन अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है | आँवला का वृक्ष एशिया के अलावा यूरोप और अफ्रीका में पाया जाता है | इसके वृक्ष की ऊंचाई सामान्यतः बीस से पचीस फ़ीट तक होती है | भारतीय प्रायद्वीप के हिमालयी क्षेत्र में आँवले के पौधें बहुत अधिक पाए जाते हैं | इसके फल छोटे और बड़े दोनों आकार में होते हैं | इसका फल हरे, चिकने और गूदेदार होते हैं | भारत में बनारस का आँवला बहुत अधिक प्रसिद्ध है | इसका वृक्ष कार्तिक मास में लगाया जाता है | आयुर्वेद में आँवला को सर्वाधिक माना गयास्वास्थ्यवर्धक माना गया है | चरक के मतानुसार, आँवला शारीरिक अवनति को रोकने वाला कल्याणकारी व्यस्था तथा धात्री (माता के सामान रक्षा करने वाला) कहा जाता है |

आँवला के सेवन के फायदे

आँवला का सेवन करने से मनुष्य को न तो कभी त्वचा सम्बंधित समस्या होगी, नाही बाल गिरने की समस्या , नाही आँखों की समस्या, नाही पेट से सम्बंधित कोई समस्या होगी, नाही कभी फैट या चर्बी जमने देगा | आँवला शरीर से सारे विषैला विषाक्त पदार्थ को बाहर निकलता है | इसके नियमित सेवन करने से मनुष्य का शरीर छरहरा एवं तंदरुस्त रहता है | कुछ लोग कच्चे आँवले की चटनी बना कर भी सेवन करते हैं | अगर आप अपने डाइट में किसी भी रूप में आँवले को शामिल करें तो ये आपके शरीर को निरोग बनाये रहेगा | आँवला में पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है | आँवले को सूखा कर उसका चूर्ण बना कर भी किया जा सकता है | आँवला बाजार में प्रत्येक मौसम में मिलता है | इसके सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है | यह मानव शरीर के मेटाबोलिक रेट को सही बनाये रखता है | इसका सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त वसा का जमाव नहीं होता है |

आँवला में पाया जाने वाला विटामिन सी और आयरन मानव शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है | इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपने डाइट में आँवला को शामिल करना चाहिए जिससे मौसमी बीमारियों से बचा जा सके | आँवले का सेवन चेहरे पर निखार लाता है जिससे व्यक्ति सूंदर और आकर्षक दिखता है |

आँवला का नियमित सेवन करने से पेट साफ रहता है और कब्ज से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है | पाचन तंत्र ठीक रहेगा और सामान्य भूख बनी रहती है | सामान्य तौर पर आँवला विभिन्न रूपों में बाजार में आसानी से उपलब्ध रहता है | चाहे वो साबुत आँवला हो, आँवले का रस हो, चूर्ण हो या अचार हो या कैंडी हो या मुरब्बा यह आसानी से मिल जाता है | इसके साथ साथ आँवला की सब्जी या चटनी का भी सेवन कर सकते हैं |

आँवला के विशेष फायदे

आँवला में प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट होने के कारण यह कैंसर, अल्सर और पेप्टिक अल्सर से भी बचाव करता है
दस्त की बीमारी में भी आँवला काफी फायदेमंद है
आँवला उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रित करता है | यह खून की नलियों को भी साफ रखता है और हृदय और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है |
आँवला मधुमेह बीमारी को भी नियंत्रित करने में सहायक है
महिलाओं की समस्या के लिए बेहद लाभदायक है |
इसके सेवन से हड्डियां भी मजबूत होती है | आँवला हड्डियों के लिए सर्वोत्तम है |
आँवला तनाव को कम करके अच्छी नींद भी लाता है |
आँवले का तेल सिरदर्द में बेहद लाभदायक है | यह बालों को लम्बा और घना बनाने के साथ साथ मजबूती भी प्रदान करता है |
इसके सेवन से नकसीर की बीमारी भी दूर हो जाती है |
कुष्ठ रोग में भी लाभकारी है |
मूत्र विकार से भी मुक्ति दिलाता है |
वबासीर में भी काफी कारगर है |
यह उग्रता, उत्तेजना, पसीना आना, गर्मी लगना जैसी समस्या में भी लाभदायक है |

क्यों पूजनीय है आँवला का वृक्ष और फल

हिन्दू धर्म में आँवला का वृक्ष और फल दोनों ही पूजनीय है | ऐसा मान्यता है की आँवला का फल भगवान विष्णु को प्रिय है | अगर आँवले के पेड़ के नीचे भोजन पका कर खाया जाय तो मनुष्य के सारे रोग दूर हो जाते हैं |
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी कहा जाता है | धर्मशास्त्र के अनुसार भगवान विष्णु आँवले के पेड़ पर कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी से लेकर पूर्णमासी तक निवास करते हैं | इस दौरान आँवला का पूजन और दान काफी महत्वपूर्ण माना गया है जबकि नवमी के दिन दान या पूजन करना काफी फलदायक माना जाता है |
अक्षय नवमी के दिन आँवला का पूजन करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है |

लेखिका का परिचय

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मैं बन्दना कुमारी पेशे से एक फिल्मकार हूँ| मुझे कहानियां लिखने का काफी शौक है|

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