जयमंगला गढ़ और काबर झील - इतिहास और महत्व

jaymangla gadh

भारत देश अपने खूबसूरत और ऐतिहासिक दर्शनीय स्थलों के लिए बेहद मशहूर है| बिहार राज्य के बेगूसराय जिला में स्थित जयमंगला गढ़ प्रमुख पर्यटक स्थल है, जो चारों तरफ से मीठे पानी के झीलों से घिरा हुआ है| इस झील की खास बात यह है कि इसमें कमल के फूल खिले रहते हैं जो देखने में काफी आकर्षक लगता है और कई प्रकार के छोटे बड़े पौधें रहते हैं| इस आकर्षक दृश्य को देखने के लिए लोग नाव से पुरे झील का भ्रमण करते हैं| यह जगह पर्यटकों के लिए फोटो खींचवाने के लिए एक बेहतरीन जगह है|

जयमंगला गढ़ की अवस्थिति

जयमंगला गढ़ बिहार राज्य के बेगूसराय जिला में स्थित एक प्रसिद्द पर्यटक स्थल है| जयमंगला गढ़ रेल एवं सड़क मार्ग से देश एवं राज्य के विभिन्न हिस्सों से बहुत अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है बरौनी - खगड़िया रेल खंड पर नजदीकी रेलवे स्टेशन बेगूसराय है जहाँ से जयमंगला गढ़ की दुरी २१ किलोमीटर है| समस्तीपुर - खगड़िया रेल खंड पर रोसड़ा, हसनपुर और बखरी स्टेशन से भी जयमंगला गढ़ पंहुचा जा सकता है| बेगूसराय और अन्य जगहों से सड़क मार्ग से भी आसानी से जयमंगला गढ़ पहुंच सकते हैं| जयमंगला गढ़ अपने प्राकृतिक दृश्यों और पक्षी विहार की वजह से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा है| स्थानीय स्मृत्यों को विश्व पटल पर स्थापित करने हेतु प्रतिवर्ष यहाँ जयमंगला गढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता है| प्रथम जयमंगला गढ़ महोत्सव के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद थे|

जयमंगला गढ़ का इतिहास

जयमंगला गढ़ पुरातात्विक महत्व का प्राचीन गढ़ है| ऐसी मान्यता है की यह जयमंगल गढ़ नामक किला था| यह चारों तरफ झील से घिरा हुआ है जिसे देखकर ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि राजा अपनी सुरक्षा की दृष्टि से पानी का बहाब ऐसा बनाया कि दूसरे राजा या उपद्रवी तत्वों के हमला से सुरक्षा हो सके| यहाँ खुदाई में पंच मार्क सिक्के, शिव पार्वती के विभिन्न मुद्राओं की प्रतिमाएं, नवग्रह, सूर्य की मूर्तियां आदि प्राप्त हुए हैं, जो मौर्या और गुप्तकालीन हैं| काबर परिक्षेत्र की भूमि शीर्ष गर्त के रूप में हैं कहीं पर बहुत अधिक ऊंचाई तो कहीं पर काफी गहराई| काबर के आसपास की भूमि काफी उपजाऊ है| फ़िलहाल इसकी ऐतिहासिकता की पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए शोध कार्य जारी है|

आस पास घूमने लायक खूबसूरत स्थल काबर झील

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पक्षी विहार (पक्षी शरण स्थली) - काबर झील मीठे पानी का विशाल झील है जिसका क्षेत्रफल ४२ वर्ग किमी है| झील के आस पास स्थित नम भूमि को पक्षी विहार का दर्जा प्राप्त है| यहाँ उत्तरी एशिया और यूरोप से हर साल लाखों की संख्या में पक्षी आतें हैं| यहाँ ५९ प्रकार की विदेशी और १०७ प्रकार की देशी पक्षियों की प्रजातियां के प्रवास करने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है| इसमें से कुछ प्रजाति के नाम हैं किंगफ़िशर, रोजी, पेल्किन, वुड सैंडपाइपर, स्टर्लिंग ब्लूथ्रोट, साइबेरियन क्रेन, ग्रेट फ्लेमिंगो, रूफ आदि पक्षी जो हवा का रुख देख कर स्थान बदलते रहते हैं|

हरिगिरि धाम : जयमंगला गढ़ से लगभग ३ किमी की दुरी पर आधुनिक बिहार के निर्माता बिहार केसरी डॉ श्रीकृष्ण सिंह की कर्मभूमि गढ़पुरा नामक सूंदर गाँव है| गढ़पुरा में प्रसिद्द शिव मंदिर बाबा हरिगिरि धाम है, जहाँ प्रति वर्ष लाखों शिवभक्तों के द्वारा भगवान शंकर का जलाभिषेक किया जाता है|

मुनि धाम : जयमंगला गढ़ से ४ किमी की दुरी पर मुनिधन है जो कमला नामक एक छोटी सी बस्ती में स्थित है यहाँ पर मुनि बाबा की पूजा की जाती है|

बाबा बीरभद्र धाम : जयमंगला गढ़ से ४ किमी की दुरी पर बाबा बीरभद्र धाम है जहाँ पर भगवान शिव की पूजा होती है यह शिवलिंग अपने आप प्रकट हुआ है जिसके कारण यहाँ हजारों श्रद्धालु द्वारा प्रतिदिन पूजा की जाती है और प्रतिदिन सुबह शाम सरकारी पूजा भी होती है| इस पूजा में आस पास के बहुत सरे लोग शामिल रहते हैं| सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि जयमंगला गढ़ से मुनि धाम और बीरभद्र धाम की दुरी समान है जो की मापा गया है|

काबर झील घूमने का सही समयः

जनवरी से अगस्त के महीने तक का मौसम इस झील को देखने और इसमें नाव पर चढ़कर भ्रमण करने का सही समय है| इस समय यहाँ देश विदेश से बहुत सारे पर्यटक घूमने के लिए आते हैं और नए साल १ जनवरी के मौके पर यहाँ लाखों लोग घूमने आते हैं| बारिश के सुहाने मौसम में पर्यटक यहाँ के सभी स्थानों पर घूमना, झील में खिले कमल फूल को देखना एवं प्राकृतिक सुंदरता की तस्वीरें खींचना बेहद पसंद करते हैं| आज से नहीं बल्कि दशकों से जयमंगला माता की पूजा की जाती रही है और ऐसा माना जाता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से जयमंगला माता की पूजा करते हैं उनकी मन्नतें पूरी होती है| जयमंगला माता साक्षात् देवी हैं नवरात्रा के समय यहाँ पर बहुत भीड़ रहती है लोग प्रतिदिन माता की पूजा अर्चना करने आते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं|

लेखिका का परिचय

मैं ज्योतिका, बेगूसराय से हूँ

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