रक्षाबंधन क्यो मनाया जाता है और जानिए रक्षाबंधन की पूरी जानकारी

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रक्षाबंधन का नाम सुनते ही प्रत्येक भाई - बहन को अपार खुशी मिलती है। पूरे भारतवर्ष में हिंदू लोग रक्षाबंधन के त्यौहार को बड़ी ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। रक्षाबंधन का दिन आने के पहले से ही प्रत्येक भाई-बहन रक्षाबंधन की तैयारियों में जुट जाते हैं। परंतु अपने से कुछ ऐसे भी लोग होंगे जो रक्षाबंधन तो मनाते होंगे परंतु इसके पीछे की पौराणिक मान्यताएं ( रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है , और इसकी पौराणिक मान्यता क्या है ) नहीं जानते होंगे। आपको हमारे द्वारा लिखे गए इस लेख में आपको रक्षाबंधन से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारियां मिल जाएंगी , तो कृपया आप हमारे इस महत्वपूर्ण लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

रक्षाबंधन क्या होता है ?

रक्षाबंधन पर्व को संपूर्ण भारत वर्ष में बड़े ही उत्सुकता और प्रेम भाव के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन पर्व प्रत्येक हिंदू धर्म के लोग मनाते हैं , केवल भारत ही नहीं परंतु कुछ ऐसे भी देश हैं , जहां पर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है , जैसे कि नेपाल , अमेरिका , ब्रिटेन इत्यादि। संस्कृत भाषा के अनुसार रक्षाबंधन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है , “रक्षा और बंधन”। यह त्यौहार प्रत्येक हिंदू बड़े ही उत्सुकता के साथ मनाते हैं। बहन भाइयों के राखी बांध कर याद दिलाती है , उन्हें अपने बहनों की हमेशा रक्षा करनी है।

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है :-

हम में से प्रत्येक लोग रक्षाबंधन का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं। परंतु हम में से कुछ ही लोग जानते हैं , कि रक्षाबंधन का त्यौहार क्यों मनाया जाता है। आप में से कुछ लोग रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है , जानने के लिए उत्सुक होंगे तो हम आपको बता देना चाहते हैं , कि रक्षाबंधन की बहुत से पौराणिक कथाएं हैं। कुछ पौराणिक कथाओं के बारे में नीचे लिखा गया है , आप यहां से इन पौराणिक कथाओं के बारे में जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

  • श्री कृष्ण और द्रौपदी की पौराणिक कथा।
  • असुर राज बली और माता लक्ष्मी की पौराणिक कथा।
  • हुमायूं और कर्मावती की कथा।

श्री कृष्ण और द्रौपदी कथा :-

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में भगवान श्री कृष्ण और द्रौपदी को भाई-बहन माना जाता था। ऐसा कहा जाता है , कि एक बार युद्ध में शिशुपाल का वध करते समय भगवान श्री कृष्ण की तर्जनी उंगली कट गई थी , तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी को फाड़कर भगवान श्री कृष्ण की अंगुली पर बांधी थी। भगवान श्री कृष्ण ने द्रोपदी के चीर हरण में अपने वचन और फर्ज को निभाते हुए द्रौपदी की रक्षा की थी।

असुर राज बली और माता लक्ष्मी की कथा :-

ऐसा बताया जाता है , कि एक बार असुर राज बली ने तपस्या करके भगवान विष्णु को प्रसन्न किया था। बली की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने बलि से एक वरदान मांगने के लिए कहा। तब बली ने भगवान विष्णु से उन्हें पाताल लोक में आकर रहने का वरदान मांग लिया। इस बात से माता लक्ष्मी समेत सभी देवता बहुत चिंतित थे। तब माता लक्ष्मी ने गरीब स्त्री का रूप धारण करते असुर राज बलि को राखी बांधी और भगवान विष्णु को स्वर्ग लोक वापस ले जाने का वचन मांगा। ऐसा माना जाता है कि जब माता लक्ष्मी बली को राखी बांधी थी , उस समय सावन महीने ( श्रावण ) की पूर्णिमा थी। तभी से रक्षाबंधन का त्यौहार सावन महीने में पूर्णिमा के दिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

बादशाह हुमायूं और कर्मावती की कथा :-

रक्षाबंधन का त्यौहार बादशाह हुमायूं और रानी कर्मावती की कथा से ही जाना जाता है। एक बार जब बादशाह हुमायूं चित्तौड़ पर आक्रमण करने वाले थे , तब राणा सांगा की विधवा पत्नी रानी कर्मावती ने बादशाह हुमायूं को राखी बांधकर चित्तौड़ की रक्षा करने के लिए अपने वचन से बाधित की थी। हुमायूं ने अपना फर्ज निभाते हुए चित्तौड़ पर आक्रमण नहीं किया और रानी कर्णावती को वचन दिया कि वह चित्तौड़ राज्य की सदैव रक्षा करेंगे।

रक्षाबंधन की कुछ मुख्य बातें :-

  • रक्षाबंधन को प्रत्येक सावन महीने ( श्रवण ) की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
  • रक्षाबंधन का त्यौहार भाई - बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शाता है।
  • रक्षाबंधन का त्यौहार मनाते समय प्रत्येक भाई - बहन को इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
'येन बद्धो बलिर्राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिवध्नामि रक्षे मा चल मा चलः।

निष्कर्ष :-

रक्षाबंधन का त्यौहार प्रत्येक भाई-बहन बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाते हैं। रक्षाबंधन के त्यौहार पर बहन भाई को राखी बांध कर भाई से अपनी रक्षा का वचन लेती है। ऐसे में हमने आपको बहुत ही पौराणिक कथाओं के बारे में बताया , यह पौराणिक कथाएं अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है।

लेखिका का परिचय

मैं चारु, मुझे बचपन से ही भारत की संस्कृति से बहुत लगाव है भारत की संस्कृति के बारे में जानना भारत के विभिन्न स्थानों पर घूमना मुझे बहुत पसंद है। मैं भारत के अब तक बहुत सारे स्थानों की यात्रा कर चुकी हूं मेरा अनुभव सिर्फ यही कहता है कि भारत एक ऐसा देश है जो इस पृथ्वी पर सबसे ज्यादा खूबसूरत है। आरंभ से ही पढ़ाई लिखाई में रुचि होने के कारण मैं बड़े होकर एक अध्यापिका बनी। मुझे लेख लिखने का भी बहुत ज्यादा शौक था इसीलिए आज मैं एक लेखिका भी हूं आज मै बहुत सारी ज्ञानवर्धक वेबसाइट के लिए विभिन्न प्रकार के लेख लिखना पसंद करती हूँ।

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